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ऐसे होता है किन्नरों का अंतिम संस्कार, देख कर रह जाएंगे दंग

Written by karan singh

आपको पता होगा की किन्नर समुदाय के बारे में कोई बात नहीं करता। ये सब से अलग होते है किन्नरों को अपने अक्षर किसी की शादी में या किसी के जन्म के टाइम देखा होगा ये ये लोगो को दुआ देते है ।की भगवन उन्हें खुश रखे जैसे इनके रहने रहा का रीति रिवाज होता है। वैसे ही इनके मरने के बाद अजीब रीति रिवाज है। ये आम लोगो की तरह नहीं रहते और इनका अंतिम संस्कार भी अलग रीति रिवाज से होता है ।अपने शयद की किसी किन्नर का अंतिम संस्कार देखा होगा आपको बात दे की इनका अंतिम संस्कार शमशान में नहीं होता और आपको पूरी इसकी कहानी हम आपको बताते है की एक किन्नर मर जाता है तो उसके सात क्या किया जाता है। आप देखिये की एक किन्नर की ज़िन्दगी से लेकर मोत का सफर मुस्किलो भरा होता है। इन्हे अपने समाज के हिसाब से चलना होता है आइये हम आपको बताते है। की क्या किया जाता है उनके अंतिम संस्कार वाले दिन ।

1 . किन्नर की अंतिम यात्रा…

 

आपको बाता दे की जब भी कोई किन्नर मरता है तो उसकी मौत गुप्त रखते है। और ये गैर किन्नर को भी नहीं बताते इस बारे में और किन्नर को अग्नि के हवाले नहीं करते इन्हे दफनया जाता है। आपको बाता दे की किन्नर सामज इस लिए ऐसा करता है ।ताकि उनका कहना है। की ऐसा करने से ये अगले जन्म में किन्नर नहीं बनेगा ।और इनकी शव यात्रा सबके सामने नहीं बल्कि बिना किसी को बातये रात के अँधेरे में की जाती है ।

2 .किन्नरों की शव यात्रा जूते चप्पलों से निकलती है..

किन्नरों का अंतिम संस्कार भी बड़े रीतिरिवाज से होता है। आपको बता दे की जब कोई किन्नर मर जाता है तो उसकी जब अंतिम यात्रा जाती है ।तो उनके सात के जो किन्नर होते है ।वो उससे जूते चप्पलों से मरते हुए लेकर जाते है। और घसीटा कर भी लेकर जाते है इन्हे इस तरह घसीटा कर ले जाते है। की इनकी गुप्तांग की जगह पूरी तरह नष्ट हो जाये ।

3. भगवान से यह प्रार्थना की जाती हैं…

आपको बाता दे की किन्नर सामज उससे जूते चप्पलों से इस लिए मरते है। ताकि वो अगले जन्म में किन्नर न बाने और सात में भगवन से भी बोलते चलते है। की भगवन इस जन्म में तो अपने इससे किन्नर बना दिया लेकिन अगले जन्म में इससे अच्छा जन्म देना ।

4.अगले जन्म उससे इंसान का जन्म मिल सके…

किन्नरसमुदाय किन्नर को बायीं और दफनते है। ताकि अगले जन्म उससे इंसान का जन्म मिल सके आपको बता दे। की कोई भी किन्नर इंसान में मरने पर नहीं जाता न ही उन्हें शमशान में जाने नहीं दिया जाता है ।लोग किसी भी किन्नर के मरने का मातम नहीं मानते है ।की मरने के बाद उन्हें अच्छा जीवन मिले ।

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